Followers

Friday, July 13, 2007

डेड सी की नमकीन कीचड से सुंदरता निखारिये

सेंधा नमक पर लिखे लेख की प्रतिक्रियाओं से उठे सवालों का उत्तर खोजते-खोजते हमारे पास काफ़ी जानकारी इकठ्ठी हो गयी है। सोचा अपने साथी ब्लोगरियों के साथ बांट ले।

समुद्री नमक, पहाडी नमक, जमीनी नमक के बारे में तो बताया। उसके साथ काला नमक भी चर्चाया। पर समुद्री नमक के ही कई प्रकार हैं।

मनुष्य के खाने वाला नमक और औद्योगिक उपयोग वाला। मनुष्य के खाने वाले के भी कई प्रकार है। सादा नमक तो आजकल सरकार के कारण लुप्‍तप्राय: ही हो गया हैं। अब जमाना है आयोडीन वाले नमक का। अगर आपको रक्तचाप की समस्‍या है तो है लो सोडियम सोल्‍ट। यदि आप खून की कमी के शिकार है तो आपके लिये हैं आयर्न फ़ोर्टीफ़ाईड सोल्‍ट।

अंग्रेजी दवाओं में भी नमक का उपयोग होता है। पर उसके प्रकार अलग है। दवाओं का मापदंड फ़ार्मोकोपिया द्वारा निश्‍चत होता है। भारतीय और ब्रिटिश फ़ार्मोकोपिया के नमक के मापदंड अलग है।

अपने नमक विशेषज्ञ जामनगर के एन के भारद्वाज का कहना है कि नमक के १३२ उपयोग है। त्‍वचा के सौंदर्य के लिये स्‍पा में नमक का उपयोग होता है। डेड सी जहां के पानी में नमक की मात्रा बहुत अधिक है, वहां समुद्र तल की मिट्टी का व्‍यापार इस सौंदर्यवर्धक गुण के कारण अरबों खरबों रुपयों का है।

गूगल सर्च में यदि हम डेड सी मड लिखे तो २०,६०,००० प्रविष्‍ठियां हैं। प्रतिवर्ष डेड सी क्षेत्र में लाखों लोग इसी लाभ के लिये आते हैं। डेड सी के पानी और कीचड के फ़ायदों में कुछ ये हैं।

यह रक्‍त प्रवाह और त्‍वचा को सुधारती है। इस मिट्टी के कण त्‍वचा की अशुद्वियों और विषाक्‍त पदार्थों को दूर करते हैं। सोराईटिस, एक्‍जाईमा और झुर्रियों की तकलीफ़ में राहत।

त्‍वचा को नैसर्गिक रुप से नमी देती है। मृत त्‍वचा को बहुत ही नरमाई से हटा युवा और स्‍वस्‍थ त्‍वचा को उभारता है।

4 comments:

अभय तिवारी said...

सही सूचना दी बन्धु..

Neelima said...

जो सुंदर हैं वे तो निखार लेंगे अपनी सुंदरता और जो सुंदर हैं ही नहीं ?उनके लिए भी कुछ उपयोगी जानकारी दीजिए :)

मेरी ग़ज़लें एवं व्यंग्य लेख said...

बड़े नमकीन हो गये है गुरू नमक बेच बेच कर.
योगीराज कृष्ण-
तेरे वादे पे जिया करते हैं.
हम भी क्या रिश्क लिया करते हैं.

हमको रखते हैं सदा वेयटिंग में,
सब को कनफर्म करते हैं.
प्रभू हम गोपा हैं इसलिए हमारी खबर नहीं लेते.
कभी हमारे गरीबखाने पर भी तशरीफ लाये.हम भी आपके पुराने आशिक हैं.
डॉ.सुभाष भदौरिया.अहमदाबाद

Udan Tashtari said...

बढ़िया जानकारी दी. आभार,

Post this story to: Del.icio.us | Digg | Reddit | Stumbleupon