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Sunday, April 12, 2009

मोदी का बुढिया -गुढिया खेल

आजकल अपने मोदीजी देश के चुनावी दौरे पर निकले हुए है . सभी जगह तो उनका गुजरात वाला हिन्दुत्व तो चल नही सकता. ऎक उत्तम वक्ता तो वे है ही . भीड देख उनके लेक्चर का सुर भी बदल जाता है.
कही मोदीजी आतंक्वाद की बात करते है, तो कहीं गुजरात को अन्याय की . जिस अन्दाज मे वे खुद को बयां करते है, बस समा बन्ध ही जाता है. पर अपने मोदीजी का गोल साफ़ है. विवाद जगाना और विवादो मे तैरते तैरते ऊपर आना. उनका निशाना कभी भी नीचा नही होता.
वे कभी भी भारत के प्रधानमन्त्री या अम्रीका के राष्ट्रपति से कम पर निशाना ताक्ते ही नहि है. इस बार अपने मोदीजी ने निशाना ताका कांग्रेस पर एक नये अन्दाज में. बुढिया कह डाला कांग्रेस को. मालूम था कि कांग्रेसी तिलमिला उठेंगे. पूरे देश मे काम्ग्रेसियों ने मोदीजी को कोसना शुरू कर दिया.
मनमोहनजी और सोनियाजी भी मोदीजी से एक कदम आगे ही हैं. मोदीजी की बात का जवाब ना दे वे उनके ही अंदाज मे उन्हें जगह बता देते हैं. पर अपने मोदीजी को इसकी कोई चिंता नही है. उन्हें तो कोई भी जवाब देने वाल चाहिये.
और उन्हे प्रियंका मिल गई. प्रियंका का कहना था कि क्य प्रियंका जैसे लोगो वाली पाटी उन्हें बुढिया लगती है. मोदीजी बस यही राह देख रहे थे. कोई नामि गिरामी बोले. तपाक से बोले, अरे भई ये कांग्रेस तो बुढिया नही गुढिया है.
साफ़ है उनका कहना है कि कांग्रेस जवान नही है!!!!

4 comments:

Anonymous said...

प्रियंका? कौन प्रियंका?
ये वाली प्रियंका तो सिर्फ इलेक्शन के दिनों में झाड़ पोंछ कर निकल आतीं हैं

बाकी दिनों में तो प्रियंका चौपड़ा छाई रहतीं हैं

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

वैसे काँग्रेस और भाजपा दोनों ही बुढिया गए हैं।

संजय बेंगाणी said...

मोदी की ताकत है मोदी का विरोध. जो उसके विरोधी समझते ही नहीं.

Anonymous said...

par, yeh priyanka baki sare polititian se achchhi hain..

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